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अब महज 30 सैकेंड में होगा कोरोना का टेस्ट , इजरायल से भारत आ रही है ये टीम

नई दिल्ली ।

कोरोना टेस्टिंग को लेकर देश के कई हिस्सों में सामने आ रही परेशानियों के बीच इजराइली तकनीक नया कमाल दिखा सकता है। इसका टेस्ट भारत में सफल रहा तो कोरोना है या नहीं इसका पता महज 30 सेकेंड में चल जाएगा। इजराइल के वैज्ञानिकों का बड़ा दल भारत में लाखों लोगों पर इन तकनीक का टेस्ट करेगा और यदि सफल रहा तो यहां इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन भी किया जाएगा।जिन नई तकनीक की भारत में टेस्ट होगी, उनमें किसी व्यक्ति की आवाज से लेकर सांस के माध्यम से कोरोना संक्रमण की पहचान शामिल है। हालांकि अभी सरकार के स्तर पर इजराइली टीम के आने की कोई पुष्टि नहीं की गई है। यह दावा दूतावास की ओर से किया गया है। इजराइल सरकार के अनुसार, आने वाले हफ्तों में इजरायल के विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय भारत के साथ अभूतपर्व एंटी कोरोना सहयोग अभियान चलाएंगे। तेल अवीव से दिल्ली के लिए रक्षा मंत्रालय और रिसर्च एंड डिवेलपमेंट की टीम रवाना होगी, यह टीम भारत के मुख्‍य वैज्ञानिक के विजय राघवन और डीआरडीओ के साथ 30 सेकंड में रैपिड टेस्टिंग पर काम कर रही है। तेल अवीव से आने वाले विमान में इजरायल के विदेश मंत्रालय और निजी क्षेत्र के द्वारा दिए गए कोरोना से लड़ने के उपकरण भी लाए जाएंगे। मैकेनिकल वेंटिलेटर भी लाया जाएगा।उन्‍होंने कहा कि यह टीम इजराइल में विकसित कोरोना की अत्याधुनिक टेस्टिंग उपकरणों की उपयोगिता की जांच करेगा। 10 दिन तक लाखों लोगों पर परीक्षण और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर आधारित विश्लेषण के माध्यम यह पता लगाया जाएगा कि ये टेस्ट कोरोना संक्रमण की पहचान के लिए कितने सटीक हैं। वैसे इन सभी टेस्ट का इजराइल में सफल पाए जाने का दावा है, लेकिन अब भारत में भी इनकी जांच की जाएगी।जिस टेस्टिंग तकनीक को इजराइल भारत में जांच के लिए ला रहा है, उनमें एक आवाज में अंतर के आधार पर कोरोना संक्रमण की पहचान की है। इसी तरह दूसरी तकनीक टेराहटर्स वेव के माध्यम से सांस की जांच कर कोरोना वायरस का पता लगाने की है। यह मशीन सामान्य बेर्थएनालाइजर की तरह काम करता है। इसी तरह एक आइसोथर्मल टेस्ट की तकनीक भी है, जो आरटी-पीसीआर की तरह कोरोना की सटीक जानकारी देता है, लेकिन इसका उपयोग करना बहुत आसान है और किसी तकनीशियन की जरूरत नहीं पड़ती है। अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में आसानी से इसका उपयोग कोरोना की जांच के लिए किया जा सकता है।इजराइल का कहना है कि यदि ये टेस्ट सफल रहे तो 30 सेकेंड में कोरोना के पॉजिटिव या निगेटिव होने का पता लगाया जा सकता है। इजराइल से आने वाली भारी-भरकम टीम के लिए भारत में भी पूरी तैयारी है। टेस्टिंग की साइट की पहचान की जा चुकी है और 100 लोगों को इजराइल टीम की मदद के लिए विशेष रूप से लगाया गया है।

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