Home / चंडीगढ़ / अब पानी से जुड़ी इन चीजों का भी करवाना होगी पंजीकरण

अब पानी से जुड़ी इन चीजों का भी करवाना होगी पंजीकरण

जल संकट से निपटने के लिए सरकार पानी की एक-एक बूंद का हिसाब रखेगी, ताकि भूजल का दोहन न हो।

इसके लिए सरकार ने 2 बड़े फैसले लिए हैं। इसके मुताबिक, अब राज्य में पानी सप्लाई करने वाले टैंकर और ड्रिलिंग रिग्स (बोरिंग करने वाली मशीन) का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा।

पंजीकरण के लिए एक से दो हजार रुपए तक फीस निर्धारित की जा सकती है। पहले गुड़गांव व फरीदाबाद में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था।

इसके सफल होने के बाद अथॉरिटी ने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था, जिसे मंजूरी दे दी गई है।

अब जल्द ही वाटर रिसोर्स अथॉरिटी की ओर से इस पर काम शुरू किया जाएगा। इतना ही नहीं, टैंकर और ड्रिलिंग रिग्स पर जीपीएस भी लगाना होगा,

ताकि यह पता रहे कि टैंकर कहां से पानी सप्लाई कर रहा और कहां ले जा रहा है। इसके साथ ही रिग्स की जानकारी भी रहेगी कि वह कहां पर बोरिंग के लिए खुदाई कर रही है, क्योंकि प्रदेश के 74 ब्लॉक पहले से ही रेड जोन है।

ऐसे इलाकों में बोरिंग करना मना है, लेकिन अथॉरिटी के सामने आया है कि कुछ लाेग यहां भी ट्यूबवेल लगा रहे हैं। टैंकर भी धड़ल्ले से पानी की सप्लाई कर रहे हैं।

ऐसे में पंजीकरण और जीपीएस लगने से इन पर पूरी निगरानी रखी जा सकेगी। जीपीएस सिस्टम को अथॉरिटी एनआईसी या अन्य किसी सिस्टम से अटैच कर सकती है।

पानी के पंजीकरण के लिए ऐसे बनेगा लिंक


हरियाणा वाटर रिसॉर्स अथॉरिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण के लिए लिंक दिया जाएगा। इस पर वाटर सप्लाई करने वाले टैंकर और ड्रिलिंग रिग्स के मालिकों को पंजीकरण कराना होगा।

इसमें उन्हें खुद के वाहन का पूरा ब्योरा देना होगा। इसमें मोबाइल नंबर से लेकर गांव का पता तक देना होगा। परिवार पहचान पत्र के आईडी नंबर भी दर्ज करने होंगे।

पंजीकरण होने के बाद ही वह टैंकर और ड्रिलिंग रिग्स काे चला सकेंगे।

सरकार की मंजूरी मिलने के बाद वाटर अथॉरिटी इसे लेकर अपनी तैयारी करेगी। इसमें नियम आदि बनाए जाएंगे। फीस तय की जाएगी।

इसकी पूरी गाइडलाइन बनेगी। इसके बाद यह पंजीकरण का नियम लागू किया जाएगा।

प्रदेश में भूजल का दोहन से 74 ब्लॉक डार्क जोन में हैं। 7287 गांवों में से 1948 गांव रेड जोन में हैं

जहां जलस्तर 30 मीटर से भी नीचे है। 1093 गांव ऐसे हैं, जहां जलस्तर 20 से 30 मीटर तक पहुंच गया है।

  • सरकार ने टैंकर और ड्रिलिंग रिग्स के पंजीकरण की मंजूरी दे दी है। जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू करेंगे। इसका मकसद यही है कि पानी की बर्बादी न हो। -केशनी आनंद अरोड़ा, चेयरपर्सन, हरियाणा वाटर रिसोर्स अथॉरिटी

About Dev Sheokand

Assistant Editor

Check Also

मूसेवाला की अंतिम यात्रा में पिता ने पगड़ी उतारकर किया धन्यवाद

मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की अंतिम यात्रा शुरू हो गई है। मानसा जिले के …

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Watch Our YouTube Channel