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File photo of Panjab University Chandigarh. Express file photo

परीक्षाओं को देखते हुए पंजाब विश्वविधालय का बड़ा फैसला / इन कक्षाओं के विधार्थियों को किया प्रमोट

चंडीगढ़ ।

पंजाब यूनिवर्सिटी ने फाइनल ईयर को छोड़कर बाकी सभी स्टूडेंट्स को अगले सेमेस्टर में प्रमोट करने का फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार न सिर्फ एडमिशन और ऑनलाइन क्लासेज शुरू करने का समय तय किया गया है बल्कि पीयू ने क्लियर कर दिया है कि सभी इंटरमीडिएट सेमेस्टर के स्टूडेंट्स प्रमोट किए जाते हैं।हालांकि, ये प्राइमरी स्तर की घोषणा है जिसमें फिलहाल ग्रेड, मार्क्स आदि का मानदंड तय होना है। ये भी तय होना है कि रि-अपीयर या फेल होने वाले स्टूडेंट्स का क्या होगा। पंजाब सरकार ने सभी स्टूडेंट्स को पास करने के लिए जो आदेश जारी किए थे, उसमें स्पष्ट कर दिया था कि औसत से कम अंक पाने वाले स्टूडेंट्स या जो नियम अनुसार अब तक पास नहीं हो रहे हैं, वे इस प्रमोशन पाने वाले स्टूडेंट्स में नहीं होंगे।

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एग्जिट क्लासेज के लिए भी यही आदेश किए थे लेकिन फिलहाल यूजीसी की नई गाइडलाइंस के कारण पीयू प्रशासन ये फैसला नहीं कर रहा है। इस डिसीजन से करीब 1.70 लाख स्टूडेंट्स को फायदा होगा, जिसमें से बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स पंजाब स्टेट से हैं। इस समय पीयू में करीब तीन लाख स्टूडेंट्स सभी कॉलेजों और पीयू कैंपस को मिलाकर हैं। इसमें से 1.40 लाख स्टूडेंट्स सिर्फ पंजाब से हैं। हालांकि, स्टूडेंट्स की सही संख्या और लाभ पाने वालों के बारे में इस बारे में बनी सब कमेटी ही फैसला करेगी।यूनिवर्सिटी ने तय किया है कि सेमेस्टर के शेड्यूल को डीन ऑफ यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन की इजाजत से बदला जा सकेगा। कोविड-19 के कारण आ रही दिक्कतों के चलते ये फैसला किया गया है। इसके अनुसार डीयूआई स्पेशल केस में इसमें बदलाव की इजाजत दे देंगे। पीजी क्लासेज में एडमिशन का फैसला यूनिवर्सिटी एग्जिट यूजी क्लासेज के स्टूडेंट्स की असेस्मेंट के फैसले के बाद ही करेगी। प्रो. नवदीप गोयल की अध्यक्षता में बनी 25 मेंबर्स ने कमेटी के लगभग सभी मेंबर्स ने ये माना है कि कोविड के लगातार बढ़ते मामलों के बीच ये डिसिजन नहीं हो सकेगा। कॉलेजों के कैंपस में क्लासेज सरकार की इजाजत के बाद लगेंगी। फिलहाल क्लासेज ऑनलाइन लगाई जा रही हैं।पंजाब यूनिवर्सिटी और इसके रीजनल सेंटर्स में ऑनगोइंग क्लासेज की एडमिशन 27 जुलाई से शुरू होगी। 3 अगस्त से ऑनलाइन टीचिंग शुरू हाेगी। कॉलेजों में इसी दिन से क्लासेज शुरू हो जाएंगी। यूनिवर्सिटी ने अपने कैंपस और कॉलेजों के लिए एकेडमिक कैलेंडर तैयार कर लिया है। पोस्ट ग्रेजुएट क्लासेज में एडमिशन के लिए फिलहाल कोई डिसीजन नहीं है लेकिन बाकी स्टूडेंट्स की क्लासेस 3 अगस्त से लगनी शुरू हो जाएंगी। 22 अगस्त तक एडमिशन प्रोसेस चलता रहेगा। डिपार्टमेंट ऑफ इवनिंग स्टडीज में अंडर ग्रेजुएट क्लासेज के लिए एडमिशन का प्रोसेस 3 अगस्त को शुरू होगा और इसकी भी आखिरी एडमिशन 22 अगस्त को ही होगी। वीसी ने सीनेटर प्रो नवदीप गोयल की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था, इसमें नए सेशन की शुरुआत का डिसीजन होना था। 25 मेंबर्स वाली कमेटी की अप्रूवल के बाद कैलेंडर तैयार किया गया है। कैलेंडर के हिसाब से पहले सेशन के दौरान यूनिवर्सिटी में पांच की बजाय 6 दिन का सप्ताह होगा।स्टूडेंट्स का सिलेबस पूरा कराने के लिए शनिवार को भी क्लासेस ली जाएंगी। यह डिसीजन यूनिवर्सिटी ने समय पर सेशन को पूरा करने के लिए किया है। आमतौर पर जुलाई से आॅनगोइंग क्लासेज की पढ़ाई शुरू हो जाती है और इसके साथ ही एडमिशन प्रोसेस भी चलता रहता है। कोविड-19 के कारण इस बार कोई भी डिसीजन नहीं हो पाया था।  पिछली सिंडिकेट मीटिंग में वाइस चांसलर को अधिकृत कर दिया गया था कि वे एकेडमिक कैलेंडर में उचित बदलाव करके खुद डिसीजन ले लें लेकिन इस दिशा में कोई काम ही नहीं हुआ। सोमवार को हुई सिंडिकेट मीटिंग में एक बार फिर कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर हंगामा किया। करीब 4 घंटे की बहस के बाद कमेटी का गठन किया गया था। 16 जुलाई को हुई मीटिंग के दौरान एकेडमिक कैलेंडर को तो फाइनल कर दिया गया लेकिन अभी तक पोस्ट ग्रेजुएट लेवल के एडमिशन और एग्जिट सेमेस्टर के स्टूडेंट्स की प्रमोशन, इवैल्यूएशन या एग्जाम पर कोई डिसीजन नहीं हुआ है। इसके लिए तीन सब कमेटियों का गठन किया गया है जिनको अपनी रिपोर्ट 22 जुलाई तक देनी है। कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि कॉलेज कैंपस में क्लासेज सरकार की मंजूरी के बाद ही लगेगी। कॉलेजों से जुड़ी कमेटी के एक मेंबर ने बताया कि सभी कॉलेजों के लिए समान टाइम टेबल बनाने या टाइम टेबल को अप्रूव कराने पर विचार चल रहा है ताकि स्टूडेंट्स की क्लासेज रेगुलर रहे और उन पर निगरानी रहे। डीएवी मैनेजमेंट ने अपने स्तर पर एक सर्वे कराया था जिसकी रिपोर्ट आई थी कि ऑनलाइन क्लासेज सिर्फ 20 फीसदी स्टूडेंट्स तक ही पहुंच पा रही हैं। कोविड-19 के कारण इन दिनों ज्यादातर इंस्टीट्यूट ने अगला सेशन ऑनलाइन ही चलाने का फैसला किया है। इसके लिए अलग-अलग मोड और प्लानिंग बन रही है।

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