वहीं, रिया ने अपनी जमानत अर्जी में दावा किया है कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। वह एनसीबी द्वारा तीन दिनों तक पूछताछ के दौरान दर्ज किए कुबूलनामा से भी मुकर गई है। उसने दावा किया है कि एनसीबी अधिकारियों ने उसे खुद के दोषी होने संबंधी बयान देने के लिए मजबूर किया था। दूसरी ओर, एनसीबी ने जमानत अर्जियों का विरोध करते हुए दलील दी थी कि रिया इस बात से वाकिफ होते हुए भी कि राजपूत ड्रग्स लेते थे, वह ड्रग खरीदती रही।

एनसीबी का यह भी कहना था कि भले की बरामद ड्रग्स की मात्रा कम थी, लेकिन यह 1,85,200 रपये मूल्य की व्यावसायिक मात्रा थी। एनसीबी ने जमानत अर्जियों पर जवाबी हलफनामे में कहा कि रिया और शौविक चक्रवर्ती ने सुशांत राजपूत के लिए उनके कहने पर ड्रग्स के इंतजाम किए और उसके पैसे चुकाए।