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प्रभारी के बिना शिविर में चिंतन करेगी प्रदेश कांग्रेस !

8 साल से सत्ता से दूर कांग्रेस अब हरियाणा मिशन के लिए ‘चिंतन’ की राह पर है। सोमवार को पंचकूला स्थित मोरनी हिल्स की पहाड़ियों में बने एक रिजोर्ट में मंथन शिविर शुरू हुआ, जिसमें सीनियर नेता पार्टी में जान फूंक कर सत्ता तक कैसे पहुंचा जाए, इस पर गहन मंथन करेंगे।

हालांकि चिंतन शिविर में ही पार्टी में ‘चिंता’ की लकीरें खींची नजर आ रही हैं, क्योंकि पार्टी के प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल को न्यौता नहीं दिया गया। ऐसे में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के बिना ही चिंतन शिविर में मंथन कर रही है।

आदमपुर से विधायक कुलदीप बिश्नोई को भी न्योता नहीं भेजा गया। निर्देशों की प्रतिलिपि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल को भेजी गई है।

शिविर में प्रदेश के तमाम सीनियर नेता, जिसमें नेता प्रतिपक्ष से लेकर पार्टी के सभी कार्यकारी अध्यक्ष, सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, हरियाणा से AICC के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों, लोकसभा व विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे नेता, संगठन के विभाग व प्रकोष्ठ के राज्य स्तरीय प्रमुखों को बुलाया गया है, प्रभारी विवेक बंसल को शिविर से दूर रखा गया है।

हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में हरियाणा से कांग्रेस प्रत्याशी अजय माकन की हार के बाद से ही पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। आदमपुर से विधायक कुलदीप बिश्नोई खुली बगावत करके क्रॉस वोटिंग कर चुके है।

पार्टी ने उन्हें पदों से भी हटा दिया है। एक विधायक की वोट रद्द होने के बाद हार का सामना करने वाले सीनियर नेता अजय माकन सीधे हरियाणा प्रभारी विवेक बंसल पर हार का ठीकरा फोड़ चुके हैं।

हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्‌डा गुट के कुछ विधायक खुलकर तो कुछ दबी जुबान से प्रभारी पर निशाना साध रहे हैं। ऐसे वक्त में कांग्रेस चिंतन शिविर के जरिए सत्ता तक पहुंचने का रास्ता तलाश रही है।

बता दें कि पिछले 10 साल से हरियाणा में कांग्रेस में संगठन खड़ा नहीं हो पाया है। पहले अशोक तंवर और फिर कुमारी सैलजा के प्रदेशाध्यक्ष रहते कई बार संगठन बनाने के प्रयास हुए, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री हुड्‌डा और उस वक्त के प्रदेशाध्यक्ष के बीच एक राय नहीं बनने की वजह से संगठन खड़ा नहीं हो पाया।

कुछ माह पहले ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने कुमारी सैलजा को पद से हटाकर पूर्व हुड्‌डा गुट से संबंध रखने वाले चौधरी उदयभान को प्रदेशाध्यक्ष की कमान साैंपी।

साथ ही प्रदेश में 3 कार्यकारी अध्यक्ष भी बना दिए, लेकिन गुटबाजी खत्म होने की बजाए बढ़ गई। कुलदीप बिश्नोई ने प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति पर खुली बगावत कर दी, जिसका खामियाजा कांग्रेस को राज्यसभा चुनाव में उठाना पड़ा।

अब हर हाल में उदयभान 20 अगस्त से पहले प्रदेश में संगठन खड़ा करने की बात कर रहे हैं। चिंतन शिविर में संगठन को लेकर भी गहरा चिंतन होगा।

चिंतन शिविर में भाजपा सरकार के खिलाफ रणनीति बनाई जाएगी। महंगाई, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था के अलावा कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ केस दर्ज करने जैसे मसलों को आमजन तक पहुंचाने के लिए रणनीति बनेगी।

2 अक्टूबर को कन्याकुमारी से शुरू होकर कश्मीर तक 3500 किलोमीटर की भारत जोड़ो यात्रा का हरियाणा में रूट प्लान बनाया जाएगा। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की नीतियों व कार्यक्रमों और UPA के विकायकार्यों को आमजन तक पहुंचाने के लिए मंथन होगा।

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने कहा कि शिविर में हमने सभी सीनियर नेताओं को बुलाया है। जो आना चाहे, वह आ सकता है। 20 अगस्त से पहले हरियाणा में पार्टी का संगठन खड़ा करना है। इस पर भी शिविर में मंथन किया जाएगा।

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